rādhānāma parama sukhadāi
Unknown Author
B22Siddhi-lālasā
राधानाम परम सुखदाइ
लहरलहर श्री श्यामा जिउ की,
मन मे मेरे समाई १
राधानाम परम सुखदाइ
लहर-लहर श्री श्यामा जिउ की,
मन मे मेरे समाई १
रटरट राधा जनम बिताऊँ,
रजगोपीन कु शीष नवाऊँ,
महिमा कहि नाहीं जाइ २
रट-रट राधा जनम बिताऊँ,
रज-गोपीन कु शीष नवाऊँ,
महिमा कहि नाहीं जाइ २
ब्रज त्यज के मैं कहि नहि जाऊँ,
रसिक सन्तन के दर्शन पाऊँ,
जग से प्रीति हटाइ ३
ब्रज त्यज के मैं कहि नहि जाऊँ,
रसिक सन्तन के दर्शन पाऊँ,
जग से प्रीति हटाइ ३