śrīgovardhana mahārāja
Unknown Author
D19Śrī Govardhana
श्रीगोवर्धन महाराज,
॥।तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो १
श्रीगोवर्धन महाराज,
...तेरे माथे मुकुट विराज रह्यो १
तेरे कानन कुण्डल सोहे रहे,
और गल वैजयन्ती माला… २
तेरे कानन कुण्डल सोहे रहे,
और गल वैजयन्ती माला… २
तेरे मुख पै मुरलीया सोह रही,
ठोड़ी पै हीरा लाल… ३
तेरे मुख पै मुरलीया सोह रही,
ठोड़ी पै हीरा लाल… ३
तेरे अङ्ग में जामा केसरिया,
और पटका लाल गुलाल… ४
तेरे अङ्ग में जामा केसरिया,
और पटका लाल गुलाल… ४
तोपे पान चढ़े और फूल चढ़े,
तोपे दिये जरें दिन रात… ५
तोपे पान चढ़े और फूल चढ़े,
तोपे दिये जरें दिन रात… ५
तेरे मानसीगङ्गा निकट वहे,
तोपे चढ़े दुध की धार… ६
तेरे मानसी-गङ्गा निकट वहे,
तोपे चढ़े दुध की धार… ६
तेरी सात कोस की परिकम्मा,
और चकलेश्वर विश्राम… ७
तेरी सात कोस की परिकम्मा,
और चकलेश्वर विश्राम… ७